नई दिल्ली, 2025 – भारत और चीन के बीच सीमा सहयोग और कैलाश-मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर सकारात्मक वार्ता हुई। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को बीजिंग में वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठक में भाग लिया।

इस बैठक में लद्दाख सीमा विवाद को हल करने के लिए पिछले वर्ष हुई सहमति के तहत उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की गई। साथ ही, सीमा प्रबंधन को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच सैन्य व राजनयिक संपर्क बढ़ाने पर सहमति बनी।
मुख्य बिंदु:
✔ कैलाश-मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने के लिए रूपरेखा तैयार करने पर विचार।
✔ सीमा पार सहयोग को बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों की सहमति।
✔ लद्दाख क्षेत्र में सेना वापसी के अगले चरण की समीक्षा।
✔ भारत-चीन विशेष प्रतिनिधियों की बैठक के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा।
भारत की ओर से इस वार्ता का नेतृत्व पूर्व एशिया मामलों के संयुक्त सचिव गौरांगलाल दास ने किया, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के बॉर्डर और ओशियनिक मामलों के निदेशक होंग लियांग ने किया।
सीमा विवाद और समझौते:
2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव आ गया था। लेकिन कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ताओं के बाद पैंगोंग झील, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स जैसे विवादित इलाकों से सेनाएं हटाई गईं। 2024 में डेमचोक और डेपसांग से भी सैनिकों की वापसी पर सहमति बनी थी।
हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा कि “पड़ोसी देशों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इन्हें विवाद नहीं बनने देना चाहिए।” इस पर चीन की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही और उन्होंने भारत-चीन संबंधों को सुधारने की इच्छा जताई।
इस बैठक से संकेत मिलता है कि भारत और चीन कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर संबंध सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन, नदी सहयोग और तीर्थयात्रा पुनः शुरू करने के प्रयासों में तेजी आ सकती है।