Gym Supliment Fake अगर आप जिम सप्लीमेंट इस्तेमाल कर रहे हैं तो ये खबर आपको हिला सकती है. गाजियाबाद में नकली सप्लीमेंट और इंजेक्शन का ऐसा खेल पकड़ा गया है, जिसे जानकर हर फिटनेस करने वाला शख्स सोचने पर मजबूर हो जाएगा
गाजियाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने फिटनेस और दवाइयों के बाजार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नकली सप्लीमेंट, प्रोटीन पाउडर और इंजेक्शन बनाकर बाजार में बेच रहा था।
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 50 लाख रुपये का नकली सामान बरामद किया है। यह मामला सिर्फ एक छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। खासकर युवाओं और जिम जाने वालों को निशाना बनाकर यह धंधा चलाया जा रहा था।
घर के अंदर बना रखा था पूरा गोदाम
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी कोई छोटी-मोटी सेटिंग नहीं चला रहे थे, बल्कि उन्होंने अपने घर के अंदर ही पूरा गोदाम तैयार कर रखा था। यहीं पर नकली सप्लीमेंट और इंजेक्शन तैयार किए जाते थे।
इसके बाद इन उत्पादों पर नामी कंपनियों के फर्जी लेबल लगाए जाते थे, ताकि ग्राहक को लगे कि वह असली प्रोडक्ट खरीद रहा है। इस तरह से आरोपी लोगों को आसानी से झांसा दे रहे थे और मोटा मुनाफा कमा रहे थे।
कौन-कौन से प्रोडक्ट हो रहे थे तैयार
पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान में कई तरह के नकली प्रोडक्ट शामिल हैं। इनमें जिम में इस्तेमाल होने वाले सप्लीमेंट, प्रोटीन पाउडर और कुछ खास तरह के इंजेक्शन भी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि Dianabol, Anadrol, GHRP और Testolone RAD जैसे नामों से ये प्रोडक्ट बाजार में बेचे जा रहे थे। ये नाम सुनकर आम ग्राहक को लगता है कि वह किसी ब्रांडेड या ओरिजिनल प्रोडक्ट को खरीद रहा है, जबकि असलियत कुछ और ही थी।
हुआ पूरे मामले का खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को लगातार इस तरह के नकली प्रोडक्ट्स की शिकायतें मिल रही थीं। कुछ लोगों ने इन दवाइयों के इस्तेमाल के बाद तबीयत खराब होने की भी शिकायत की थी।
इसी आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और फिर एक टीम बनाकर छापेमारी की। जैसे ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी, पूरा खेल सामने आ गया। मौके से बड़ी मात्रा में नकली सामान और पैकिंग सामग्री बरामद हुई।
इस पूरे मामले का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि ये प्रोडक्ट सीधे लोगों की सेहत से जुड़े हुए हैं। जिम जाने वाले युवक अक्सर जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में ऐसे सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं।
अगर ये प्रोडक्ट नकली या घटिया क्वालिटी के हों, तो इसका असर शरीर पर गंभीर हो सकता है। इससे हार्मोनल दिक्कतें, लिवर डैमेज और अन्य कई बीमारियां हो सकती हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और ये लोग कहां-कहां सप्लाई कर रहे थे।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस नेटवर्क में और लोग तो शामिल नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
लोगों के लिए जरूरी चेतावनी
इस घटना के बाद लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि सस्ते और बिना जांचे-परखे सप्लीमेंट खरीदना कितना खतरनाक हो सकता है। खासकर ऑनलाइन या बिना बिल के मिलने वाले प्रोडक्ट से बचना चाहिए।
हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही दवाइयां और सप्लीमेंट खरीदें और किसी भी संदिग्ध प्रोडक्ट की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को दें।






