Delhi Building Fall Pg Hostal News दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम इलाके में रविवार दोपहर जो हुआ, उसने हर किसी को हिला कर रख दिया। एक बहुमंजिला इमारत, जिसमें लड़कों का पीजी हॉस्टल चल रहा था,
संभलने तक का मौका नहीं मिला
अचानक भरभराकर गिर गई। अंदर मौजूद छात्रों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई लोग मलबे के नीचे दब गए। आसपास के लोगों के लिए ये नजारा किसी डरावने सपने से कम नहीं था। जो लोग वहां मौजूद थे, वे बताते हैं कि पहले एक जोर की आवाज आई और फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धूल के गुबार में बदल गई।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कोई अपने दोस्त को ढूंढ रहा था तो कोई फोन लगाकर अपने घरवालों को खबर दे रहा था। कुछ लोग खुद ही मलबा हटाने की कोशिश में लग गए, लेकिन हालात इतने खराब थे कि तुरंत राहत टीमों को बुलाना पड़ा।
कितने लोग थे अंदर और क्या हुआ तुरंत बाद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय बिल्डिंग में करीब 40 से 50 छात्र मौजूद थे। ये सभी छात्र वहां पीजी में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। जैसे ही बिल्डिंग गिरी, कई छात्र सीधे मलबे के नीचे दब गए।
राहत की बात ये रही कि शुरुआती रेस्क्यू में 6 से 7 छात्रों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, उनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ छात्रों को सीधे ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।
जन्माष्टमी भी पूरी नहीं हुई थी कि पुलिस पर हुआ ऐसा हमला, दहशत में आ गए लोग
इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं। यही वजह है कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
राहत और बचाव अभियान कैसे चल रहा है
हादसे की सूचना मिलते ही कई एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें तुरंत एक्टिव हो गईं। मौके पर ऐसा माहौल था जैसे कोई बड़ा युद्ध स्तर का ऑपरेशन चल रहा हो।
रेस्क्यू टीमों को सबसे बड़ी चुनौती ये है कि मलबा काफी भारी है और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना आसान नहीं है। मशीनों के साथ-साथ हाथों से भी मलबा हटाया जा रहा है ताकि किसी भी जिंदा व्यक्ति को जल्दी से जल्दी बाहर निकाला जा सके।
इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। आसपास के लोगों को भी सुरक्षित दूरी पर रखा जा रहा है।
कैसे गिरी पूरी बिल्डिंग
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस इमारत में हादसा हुआ, वह एक पीजी हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग पांच मंजिला थी और उसका नाम ‘हॉस्टल डेज’ था।
प्राथमिक जांच में ये बात सामने आई है कि बिल्डिंग की हालत पहले से ही ठीक नहीं थी। कुछ लोगों का कहना है कि पास की दूसरी इमारत भी आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। हालांकि, अभी तक हादसे के असली कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं निर्माण में लापरवाही तो नहीं हुई या फिर कोई और तकनीकी कारण था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया
घटना के वक्त आसपास मौजूद लोगों ने जो बताया, वो काफी डराने वाला है। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, “हमने अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनी। जब बाहर आकर देखा तो पूरी बिल्डिंग धूल में बदल चुकी थी और लोग चीख रहे थे।” कुछ लोगों ने बताया कि कई छात्र अपने कमरों में थे और उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। कई छात्रों के फोन लगातार बजते रहे, लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं था।
ये बातें सुनकर साफ समझ आता है कि हादसा कितना अचानक और खतरनाक था।
घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इलाके के अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
सरकार की तरफ से भी बयान आया है कि बचाव कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है और जो भी लोग घायल हैं, उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, हादसे के कारणों की जांच के लिए टीम गठित की गई है।






