Agra Jama Masjid आंधी में झुका इतिहास का कलश

By Shiv

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Agra Jama Masjid के कलश को आंधी में टेढ़ा होने के बाद ASI ने उतारा, जानिए पूरा इतिहास और मरम्मत की प्रक्रिया

आगरा की ऐतिहासिक Jama Masjid एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई त्योहार या भीड़ नहीं, बल्कि मस्जिद के मुख्य गुंबद पर लगा 16 फीट ऊंचा कलश है, जो तेज आंधी के कारण टेढ़ा हो गया था। जैसे ही यह खबर सामने आई, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI हरकत में आ गया और सुरक्षा के लिहाज से कलश को नीचे उतार लिया गया।

यह मामला सिर्फ मरम्मत का नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। Jama Masjid का यह कलश न सिर्फ वास्तुकला का हिस्सा है, बल्कि Mughal era की याद भी दिलाता है।

आंधी के बाद सामने आई बड़ी समस्या

कुछ दिन पहले आई तेज आंधी ने आगरा के कई इलाकों को प्रभावित किया। इसी दौरान Jama Masjid के मुख्य गुंबद पर लगा कलश एक तरफ झुक गया। देखने में यह मामूली लग सकता है, लेकिन असल में यह एक बड़ा खतरा बन सकता था।

जांच में सामने आया कि कलश के अंदर लगी लोहे की रॉड टूट चुकी है। यही रॉड पूरे कलश को मजबूती से पकड़कर रखती थी। जैसे ही यह कमजोर हुई, कलश संतुलन खो बैठा और टेढ़ा हो गया।

ASI ने कैसे संभाली स्थिति

जैसे ही जानकारी मिली, ASI की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण शुरू किया। करीब 10 दिन तक लगातार काम चला और बड़ी सावधानी से कलश को नीचे उतारा गया।

कलश को उतारना आसान काम नहीं था क्योंकि यह करीब 16 फीट ऊंचा और 10 अलग-अलग हिस्सों में बना हुआ है। हर हिस्से को अलग-अलग संभालकर उतारा गया ताकि कोई नुकसान न हो।

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अब ASI का प्लान है कि पुरानी लोहे की रॉड को हटाकर उसकी जगह मजबूत स्टील की रॉड लगाई जाए

Jama Masjid का ऐतिहासिक महत्व

आगरा किले के पास स्थित Jama Masjid सिर्फ एक इबादत की जगह नहीं, बल्कि इतिहास का जिंदा नमूना है। इसका निर्माण मुगल बादशाह Shah Jahan की बेटी Jahanara Begum ने कराया था।

साल 1648 में करीब 5 लाख रुपये की लागत से बनी यह मस्जिद उस समय की शानदार वास्तुकला को दर्शाती है। लाल बलुआ पत्थर से बनी यह इमारत एक ऊंचे चबूतरे पर खड़ी है और दूर से ही अपनी भव्यता का एहसास कराती है।

मस्जिद के अंदर एक बड़ा दालान है और बीच में वजू के लिए टैंक बनाया गया है। इसकी छत पर तीन बड़े गुंबद हैं, जिनमें से मुख्य गुंबद सबसे खास माना जाता है।

यह पहली बार नहीं है जब Jama Masjid के कलश को नुकसान हुआ हो। 11 अप्रैल 2018 को आए तेज तूफान में यह कलश दो हिस्सों में टूट गया था।

उस समय हवा की रफ्तार करीब 132 किलोमीटर प्रति घंटा थी। कलश का एक हिस्सा नीचे गिर गया था, जबकि दूसरा हिस्सा गुंबद में फंसा रह गया था।

बाद में ASI ने मरम्मत का काम किया था और लगभग 3 लाख रुपये खर्च करके इसे फिर से लगाया गया था। उस समय भी लोहे की रॉड कमजोर पाई गई थी।

मरम्मत में क्या नया होगा इस बार

इस बार ASI पहले से ज्यादा सावधानी बरत रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अब सिर्फ वेल्डिंग पर भरोसा नहीं किया जाएगा। पूरी पुरानी रॉड को हटाकर नई स्टील रॉड लगाने पर विचार किया जा रहा है।

इंजीनियर टीम यह भी देख रही है कि क्या पुरानी रॉड को पूरी तरह निकालना संभव है या फिर उसे मजबूत करके नई रॉड के साथ जोड़ा जाए।

इस बार लक्ष्य सिर्फ मरम्मत नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिकने वाला समाधान तैयार करना है।

पर्यटकों की प्रतिक्रिया

Jama Masjid आगरा का एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं। जब कलश के टेढ़ा होने की खबर फैली, तो लोगों में चिंता भी दिखी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी ऐतिहासिक इमारतों की देखभाल और भी बेहतर तरीके से होनी चाहिए। वहीं पर्यटकों के लिए यह एक नई जानकारी और चर्चा का विषय बन गया।इतिहास को संभालना आसान नहीं होता, लेकिन जब सही समय पर सही कदम उठाए जाते हैं, तो विरासत भी सुरक्षित रहती है और आने वाली पीढ़ियों को सीख भी मिलती है।

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