bagpat forest murder mystery जंगल में मिले जले शव की 25 दिन बाद खुली सच्चाई ने सबको सन्न कर दिया। मासूम लड़की को दिल्ली बुलाकर रची गई ऐसी खौफनाक साजिश कि जानकर दहल जाएंगे आप।
करीब 25 दिन पहले
करीब 25 दिन पहले जंगल में एक जला हुआ शव मिला था। उस वक्त कोई अंदाजा नहीं लगा पा रहा था कि ये कौन है और इसके साथ इतना क्रूर व्यवहार किसने किया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि शव की पहचान कैसे हो। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी इतनी खौफनाक निकलकर सामने आई कि हर कोई हैरान रह गया।
पुलिस ने अब इस अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया है और जो सच सामने आया है, वो दिल दहला देने वाला है। मृतका की पहचान मथुरा की रहने वाली 16 साल की परी के रूप में हुई है। इतनी कम उम्र में उसके साथ जो हुआ, उसने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जंगल में मिला जला हुआ शव और शुरू हुई जांच
करीब 25 दिन पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के जंगल में एक अधजला शव मिला था। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान कर पाना लगभग नामुमकिन लग रहा था। चेहरे और शरीर पर तेजाब और आग का असर साफ दिख रहा था।
जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। आसपास के लोगों से पूछताछ हुई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। ऐसे में पुलिस ने इसे अज्ञात शव मानकर केस दर्ज किया और जांच को आगे बढ़ाया।
शव की हालत इतनी खराब थी कि शुरुआत में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था। न कोई पहचान, न कोई गुमशुदगी का सीधा लिंक। ऐसे में पुलिस ने अलग-अलग जिलों की गुमशुदगी रिपोर्ट खंगालनी शुरू की।
इसी दौरान मथुरा से एक नाबालिग लड़की के लापता होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य तरीकों से इस कड़ी को जोड़ा और आखिरकार पुष्टि हुई कि जंगल में मिला शव उसी 16 वर्षीय परी का है।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वो थी हत्या की वजह। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले के पीछे प्रेम संबंध का एंगल था।
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आरोप है कि एक पति-पत्नी ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने किसी बहाने से परी को दिल्ली बुलाया। वहां पहले से ही साजिश रची गई थी। जैसे ही परी वहां पहुंची, दोनों ने मिलकर उसका गला दबा दिया और उसकी हत्या कर दी।
पहचान मिटाने के लिए रची खौफनाक साजिश
हत्या के बाद आरोपियों ने जो किया, वो और भी ज्यादा डराने वाला है। उन्होंने शव को ठिकाने लगाने के लिए पूरी प्लानिंग की।
शव को स्कूटी पर रखकर दिल्ली से बागपत लाया गया। इसके बाद जंगल में ले जाकर पहले उस पर तेजाब डाला गया ताकि पहचान पूरी तरह मिट जाए। फिर शव को आग के हवाले कर दिया गया।
यही वजह थी कि जब शव मिला, तो उसकी पहचान करना पुलिस के लिए सबसे मुश्किल काम बन गया था।
ऐसे खुली पूरी साजिश
इस केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने कई टीमें बनाई। एसओजी, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस सभी एक साथ जुट गए।
सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। हर छोटी-बड़ी मूवमेंट को ट्रैक किया गया। साथ ही मोबाइल लोकेशन और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली गई।
धीरे-धीरे पुलिस को एक स्कूटी की जानकारी मिली, जो इस केस में अहम कड़ी साबित हुई। इसके बाद जांच की दिशा साफ हो गई और आखिरकार आरोपियों तक पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने पति-पत्नी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उन्होंने कई अहम खुलासे किए हैं, जिससे पूरे मामले की कड़ी जुड़ गई।
अब पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। साथ ही ये भी जांच की जा रही है कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं था।






