CBSE Open Exam 2026-27 से 9वीं कक्षा में लागू होगा व छात्र किताबों से सवालों के जवाब लिख सकेंगे और 10वीं बोर्ड के लिए भी 2 बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा.
CBSE ने स्कूल एग्जाम सिस्टम में बड़ा बदलाव किया
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने पढ़ाई के तरीके और एग्जाम पैटर्न में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है पर अब 2026-27 के सत्र से 9वीं के बच्चों के लिए CBSE Open Book Exam शुरू होगा और मतलब पेपर में सवाल हल करते वक्त छात्र अपनी किताबों और नोट्स का इस्तेमाल कर पाएंगे और इसके साथ ही 10वीं के छात्रों के लिए भी डबल चांस का नियम आ गया है और जिसमें पहली बोर्ड परीक्षा फरवरी में और अंकों में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा मई में होगी.
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9वीं में CBSE Open Book Exam क्यों
CBSE Open Book Exam का मकसद बच्चों को रटने से दूर ले जाकर concept-based learning की तरफ बढ़ाना है और NCFSE 2023 और NEP 2020 की सिफारिश के बाद यह वडा कदम उठाया गया है और इस एग्जाम में सवाल ऐसे होंगे जिनके जवाब किताब में देखने के बावजूद सोच-समझकर लिखने होंगे और यानी बच्चे सिर्फ याद करके नहीं बल्कि समझकर जवाब देंगे.
पायलट टेस्ट के बाद मिली हरी झंडी
CBSE ने CBSE Open Book Exam लागू करने से पहले पायलट स्टडी कराई और इसमें syllabus के cross-cutting topics पर फोकस किया गया और extra reading material से बचा गया और रिजल्ट में छात्रों के स्कोर 12% से 47% के बीच आए पर जिससे साबित हुआ कि यह तरीका analytical thinking को बढ़ावा देता है.
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9वीं के एग्जाम पैटर्न में बदलाव
अब हर सत्र में तीन बार pen-paper assessment होगा इसमें language, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे core subjects शामिल रहेंगे.
10वीं बोर्ड के लिए डबल मौका
CBSE ने 10वीं बोर्ड के छात्रों के लिए भी बड़ा बदलाव किया है और पहली बोर्ड परीक्षा फरवरी में होगी और जो छात्र इसमें पास होंगे या eligibility criteria पूरा करेंगे और वह मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में अधिकतम 3 विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं और ध्यान रहे की पहली परीक्षा में 3 विषयों में फेल होने वालों को यह मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगले साल दोबारा परीक्षा देनी ही होगी.







