2025 में दुनिया फिर परमाणु महासंग्राम की दस्तक के मुहाने पर है व ट्रंप ने रूस की धमकी के जवाब में दो परमाणु पनडुब्बियां तैनात कीं. जानिए इस महाआक्रोश के पीछे की कहानी
क्या सच में तीसरे परमाणु महासंग्राम की आहट है?
दुनिया एक बार फिर ऐसे मोड़ पर आ पहुंची है जहां शब्दों की जगह अब action ने ले ली है और अमेरिका और रूस के बीच चल रही जुबानी जंग अब समुद्र की गहराइयों में उतर गई है और डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे आदेश देकर दो परमाणु पनडुब्बियों को रूस के इर्द-गिर्द तैनात कर दिया है और यह कदम आया रूस के सीनियर नेता दिमित्री मेदवेदेव के उस बयान के बाद जिसमें उन्होंने अमेरिका को Dead Hand की याद दिलाई थी.
ALSO READ – Claude 3 Opus AI एक ऐसा टूल जो आपकी सोच से भी तेज हो सकता है 2025
ट्रंप ने क्यों दी यह जवाबी चाल
दरअसल ट्रंप ने कुछ दिन पहले रूस की अर्थव्यवस्था को dead कहकर उकसाया था और इस पर मेदवेदेव ने ट्रंप को अमेरिकी zombie फिल्म The Walking Dead और रूस के परमाणु सिस्टम Dead Hand की याद दिला दी. और Dead Hand एक ऐसा सिस्टम है जो अगर रूस पर हमला होता है तो खुद-ब-खुद परमाणु हमला कर सकता है चाहे भले ही कोई नेता जिंदा ना बचे और अब ट्रंप ने भी चुप ना रहकर दो nuclear submarines तैनात कर रूस को सीधा संकेत दिया है कि अमेरिका सिर्फ बात नहीं करेगा.
रूस का पलटवार हमारे टारगेट पर हैं अमेरिका की पनडुब्बियां
रूसी सांसद विक्टर वोडोलात्सकी ने साफ कहा है कि अमेरिका की जो दो पनडुब्बियां भेजी गई हैं वो पहले से ही रूस के निशाने पर हैं और रूस की नौसेना समुद्र में पहले से ऐसी पोजिशन में है कि तुरंत जवाब दिया जा सके.
किसके पास कितनी परमाणु पनडुब्बियां हैं?
| देश | अनुमानित संख्या |
|---|---|
| अमेरिका | 14+ |
| रूस | 15-20 |
| चीन | 7 |
| ब्रिटेन | 4 |
| फ्रांस | 4 |
| भारत | 1 (INS Arihant) |
परमाणु पनडुब्बियां क्यों हैं इतने खतरनाक
परमाणु पनडुब्बियां modern युद्ध की सबसे खतरनाक asset हैं क्योंकि:
- ये महीनों तक समंदर में अदृश्य रह सकती हैं
- इनकी मौजूदगी की जानकारी दुश्मन को नहीं लगती
- ये जवाबी हमले की 100% गारंटी देती हैं
- Long-range missiles के जरिए दुनिया में कहीं भी वार कर सकती हैं
- ये हर देश की nuclear deterrence policy का सबसे मजबूत हिस्सा हैं
यूएन ने रूस को दी चेतावनी, 8 अगस्त आखिरी तारीख
अमेरिका ने केवल पनडुब्बियां ही नहीं भेजीं हैं बल्कि United Nations Security Council (UNSC) में भी सख्त अल्टीमेटम दे दिया है और अमेरिकी राजनयिक जॉन केली ने कहा है कि रूस और यूक्रेन को 8 अगस्त तक युद्धविराम पर सहमत होना होगा वरना अमेरिका अपनी तरफ से extra steps लेने को तैयार है.
अब ट्रंप क्या करेंगे?
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि रूस के किसी भी नापाक इरादे का जवाब दिया जाएगा और अमेरिका military readiness को top alert पर ले आया है और सवाल यह नहीं कि ट्रंप क्या करेंगे असली सवाल तो यह है कि रूस अब कितना आगे जाएगा.
क्या ये तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत हो सकती है?
आज भले कोई देश सीधे युद्ध नहीं चाहता हो पर जब दो परमाणु ताकतें इतनी आगे तक एक-दूसरे को चुनौती देने लगें तो गलती या misunderstanding से भी हालात बेकाबू हो सकते हैं.
- World War 3 की शुरुआत मिसाइल से नहीं है वल्की ego से हो सकती है
- Global economy पहले से fragile है
- UN की diplomacy अभी तक नाकाम दिख रही है







