UP SIR BLO Death Controversy News में मुरादाबाद के सर्वेश सिंह समेत कई बीएलओ और लेखपालों की मौत और सुसाइड मामलों ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
UP SIR BLO Death Controversy News राज्य में सबसे बड़ा सवाल क्यों बन गया
UP SIR BLO Death Controversy News इस समय उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन चुका है। SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेज रफ्तार से चल रही है और उसी के बीच बीएलओ और लेखपालों की लगातार हो रही मौतों ने सबको झकझोर दिया है और SIR फॉर्म की आखिरी तारीख 4 दिसंबर थी पर जिसे अब सात दिन और बढ़ा दिया गया है, लेकिन जमीनी हालात बता रहे हैं कि असली लड़ाई अब भी फील्ड में ही है।
सर्वेश सिंह की आत्महत्या ने मामले को और गंभीर बना दिया
सबसे ज्यादा चर्चा मुरादाबाद के 45 वर्षीय शिक्षक सर्वेश सिंह की हो रही है। UP SIR BLO Death Controversy News में उनका नाम इसलिए सामने आया क्योंकि उन्होंने तीन पेज का सुसाइड नोट लिखकर अपनी जान दे दी। वह पहली बार BLO ड्यूटी कर रहे थे और लगातार 2-3 घंटे की ही नींद मिल रही थी। और परिवार बताता है कि चार बेटियों की जिम्मेदारी, दो की तबीयत खराब और ऊपर से दिन-रात SIR का काम, सब मिलकर भारी पड़ने लगा था। सुसाइड नोट में भी उन्होंने अधिकारियों के दबाव और टार्गेट पूरा न होने की वजह साफ लिखी है।
सुसाइड और अचानक मौत की खबरें
यह अकेला मामला नहीं है। UP SIR BLO Death Controversy News में फतेहपुर के लेखपाल रामलाल कोरी का मामला भी बड़ा दर्दनाक है। शादी से एक दिन पहले छुट्टी न मिलने और मेंहदी के दिन सस्पेंशन की धमकी मिलने के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। परिवार का दर्द शब्दों में नहीं बताया जा सकता।
और गोंडा में बीएलओ विपिन यादव ने जहर खाकर जान दे दी। उन्होंने मरने से पहले वीडियो में आरोप लगाया कि SIR काम को लेकर लगातार धमकी और दबाव मिल रहा था। वीडियो की आवाज बताती है कि सिस्टम की सख्ती इंसान को कितना तोड़ सकती है।
ड्यूटी प्रेशर और लगातार तनाव
देवरिया के लेखपाल आशीष कुमार की मौत हार्ट अटैक से हुई। परिवार का कहना है कि कई दिनों से वह लगातार प्रेशर में थे।और इसी तरह बीएलओ रंजू दुबे की मौत भी संदिग्ध हालत में हुई और परिवार ने सीधा आरोप लगाया कि SIR के भारी दबाव ने उनकी सेहत बिगाड़ दी।
बरेली में बीएलओ संतोष कुमार गंगवार की मौत SIR फॉर्म बांटते समय हुई। दो महीने पहले उनकी पत्नी की कैंसर से मौत हुई थी और अब दो छोटे बच्चे अकेले हो गए हैं। परिवार के अनुसार वह मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से टूट चुके थे।
लखनऊ और अन्य जिलों में भी ड्यूटी के बीच मौतें बढ़ रहीं
लखनऊ के मलिहाबाद में बीएलओ विजय कुमार वर्मा की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। परिवार ने SIR प्रक्रिया में लगातार बढ़ते काम के दबाव को कारण बताया। UP SIR BLO Death Controversy News में यह केस भी लगातार चर्चा में है क्योंकि परिवार इस मौत को साधारण घटना नहीं मान रहा।
और कई जिले ऐसे हैं जहां पिछले कुछ दिनों में मौत और सुसाइड के मामले एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। हर परिवार की एक ही मांग है—दबाव कम किया जाए, काम का तरीका सुधारा जाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
आप सांसद संजय सिंह के आरोपों ने विवाद और तेज कर दिया
UP SIR BLO Death Controversy News आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि चुनावी घोटाले के चक्कर में 26 BLO की जान चली गई। उन्होंने सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभा कराई और हर परिवार के लिए एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग रखी और उनके बयान के बाद यह मुद्दा और अधिक सुर्खियों में आ गया है।
क्या SIR प्रक्रिया कर्मियों की क्षमता से बाहर हो चुकी है
UP SIR BLO Death Controversy News अब सिर्फ खबर नहीं, बल्कि जमीनी दर्द बन चुका है। कई BLO कहते हैं कि काम की गाइडलाइन तो ठीक है, लेकिन दिन-रात का प्रेशर, फील्ड वर्क, डाटा अपलोड और हर रोज नए टार्गेट किसी की भी क्षमता से बाहर हो सकते हैं और कई लोग तो कह रहे हैं कि SIR प्रक्रिया का असली तनाव वही समझ सकता है जो खुद इस ड्यूटी में लगा हो।
निष्पक्ष जांच
जो परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं, उनकी एक ही मांग है—निष्पक्ष जांच हो, काम का समय तय हो, छुट्टियों के स्पष्ट नियम बनें और जिम्मेदार अधिकारी सामने आएं और चुनावी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है, लेकिन उस प्रक्रिया में लगे लोगों का मानसिक स्वास्थ्य उससे भी ज्यादा जरूरी होना चाहिए।






