Sambhal Big News संभल कब्रिस्तान पैमाइश से हिल गया इलाका, जामा मस्जिद के पास अवैध कब्जों पर प्रशासन की सख्ती

By Vipin Singh

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Sambhal Big News संभल कब्रिस्तान पैमाइश को लेकर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जामा मस्जिद के पास अवैध कब्जों की जांच तेज है।

संभल कब्रिस्तान पैमाइश से बढ़ी हलचल

Sambhal Big News उत्तर प्रदेश के संभल जिले में इन दिनों माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। वजह है संभल कब्रिस्तान पैमाइश, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जामा मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आम लोगों में चर्चा है कि इस बार प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

आठ बीघा जमीन पर होगी पैमाइश

Sambhal Big News प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि यह पैमाइश करीब आठ बीघा कब्रिस्तान भूमि पर की जाएगी। बताया जा रहा है कि इसी जमीन पर करीब 22 दुकानें और मकान अवैध रूप से बनाए गए हैं। संभल कब्रिस्तान पैमाइश के दौरान राजस्व विभाग की टीम पूरी बारीकी से नापजोख करेगी। इस काम के लिए चार कानूनगो और 22 लेखपालों की टीम तैनात की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

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भारी पुलिस बल की तैनाती

Sambhal Big News संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। एसपी कुलदीप सिंह के अनुसार मौके पर पीएसी, आरएएफ और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही एलआईयू और अन्य खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर हैं। सत्यवृत पुलिस चौकी से कंट्रोल रूम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

कल्कि सेना का बड़ा दावा

Sambhal Big News संभल कब्रिस्तान पैमाइश को लेकर कल्कि सेना के राष्ट्रीय संयोजक और अधिवक्ता सुभाष त्यागी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने 12 दिसंबर को जिलाधिकारी को शिकायत दी थी। उनका कहना है कि 1980 के दशक में यह जमीन पूरी तरह खाली थी और टीले के रूप में मौजूद थी। बीते 20 से 25 सालों में धीरे-धीरे यहां अवैध कब्जा किया गया और मकान व दुकानें खड़ी कर दी गईं।

हिंसा से जुड़ा बताया जा रहा है मामला

Sambhal Big News सुभाष त्यागी का यह भी आरोप है कि 24 तारीख को जब संभल में विवादित ढांचे के सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी, तब इन्हीं मकानों की छतों से पत्थरबाजी की गई थी। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में फिर ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। इसी वजह से संभल कब्रिस्तान पैमाइश को जरूरी बताया जा रहा है।

इलाके में डर और चर्चा का माहौल

जैसे ही पैमाइश की सूचना फैली, पूरे इलाके में हलचल तेज हो गई। कुछ लोग प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट नजर आए तो कुछ लोगों में डर भी दिखाई दिया। दुकानदारों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हर कोई जानना चाहता है कि आगे क्या कार्रवाई होगी और किन लोगों पर असर पड़ेगा।Sambhal Big News

प्रशासन की साफ मंशा

प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जा रही है।Sambhal Big News किसी को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संभल कब्रिस्तान पैमाइश का मकसद केवल सच्चाई सामने लाना और भविष्य में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

इलाके में बढ़ी सतर्कता

पैमाइश के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस हर मोर्चे पर तैयार है। ड्रोन से निगरानी, बैरिकेडिंग और अतिरिक्त फोर्स की तैनाती इस बात का संकेत है कि प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। Sambhal Big News आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

आगे क्या होगा

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि संभल कब्रिस्तान पैमाइश के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। अगर अवैध कब्जे साबित होते हैं तो आगे बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से इलाके में स्थायी शांति और व्यवस्था कायम होगी।

संभल में चल रही यह पूरी कार्रवाई न सिर्फ प्रशासन की सख्ती दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। आने वाले दिनों में यह मामला पूरे जिले के लिए एक मिसाल बन सकता है।

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