वंतारा पर संकट, Supreme Court ने बनाई SIT, अंबानी परिवार पर गहराई से होगी जांच

By Shiv

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वंतारा पर संकट,

Vantara विवाद में फंसा अंबानी परिवार, Supreme Court ने SIT गठित कर दी है अब पशु कल्याण, पर्यावरण और वित्तीय मामलों की गहराई से जांच होगी.

अंबानी परिवार पर अब गहराई से होगी जांच

Reliance Foundation के चर्चित Project Vantara को लेकर अब मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है और देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल उठने के बाद एक विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन कर दिया है और यह SIT प्रोजेक्ट से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी और अदालत को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

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SIT में कौन-कौन शामिल है

सुप्रीम कोर्ट ने इस SIT की जिम्मेदारी अनुभवी लोगों को सौंपी है और इसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जे चेलमेश्वर को चेयरमैन बनाया गया है और उनके साथ उत्तराखंड और तेलंगाना हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस राघवेंद्र चौहान व मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर हेमंत नागराले और अनीश गुप्ता को शामिल किया गया है और अदालत ने टीम को 12 सितंबर तक रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है.

क्या-क्या जांचेगी SIT

Project Vantara में सिर्फ जानवरों की देखभाल का मुद्दा नहीं है बल्कि कई ऐसे पहलू हैं जिन पर सवाल उठे हैं की SIT पशुओं के अधिग्रहण, कानूनी नियमों का पालन, अंतरराष्ट्रीय मानकों की स्थिति, पशु कल्याण, पर्यावरणीय प्रभाव, वन्यजीव व्यापार और वित्तीय लेन-देन जैसे मुद्दों की गहराई से जांच करेगी और टीम चाहे तो कई लोगों और अधिकारियों, पत्रकारों और अन्य संबंधित लोगों से भी जानकारी जुटा सकती है.

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सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश क्यों दिया

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि याचिका में आरोप तो गंभीर हैं पर सीधे-सीधे कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है और सामान्य स्थिति में ऐसी याचिका पर विचार भी नहीं होता है पर अदालत ने यह देखते हुए कि अगर प्राधिकरण या एजेंसियां खुद कार्रवाई करने से बचें तो न्याय के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी हो जाती है और SIT गठित करने का फैसला लिया गया.

आखिर क्या है Project Vantara

अंबानी परिवार के अधीन Reliance Foundation Project Vantara की शुरुआत जानवरों के संरक्षण और कल्याण के नाम पर हुई थी और यहां बीमार और लाचार जानवरों को लाकर उनकी देखभाल और पुनर्वास किया जाता है पर समय के साथ इस पर कई आरोप लगने लगे कि नियमों का पालन सही तरह से नहीं हो रहा और संसाधनों का गलत इस्तेमाल हो रहा है और अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बैठी SIT ही तय करेगी कि हकीकत क्या है.

अभी तक Project Vantara को पशु संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा था पर अब यह विवादों में घिर गया है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई SIT की जांच इस बात को साफ करेगी कि क्या वाकई अंबानी परिवार का यह प्रोजेक्ट वैसा ही है जैसा बताया जा रहा है या इसमें कुछ और कहानी छिपी है.

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