मोहन भागवत बोले शहरों और Roads के नाम आक्रमणकारियों पर क्यों

By Shiv

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मोहन भागवत बोले शहरों और Roads के नाम आक्रमणकारियों पर क्यों

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि शहरों और रास्तों के नाम आक्रमणकारियों के नाम पर नहीं होने चाहिए. उन्होंने साफ किया कि ये धर्म का मुद्दा नहीं बल्कि सम्मान का है

दिल्ली में संघ प्रमुख के जवाब

दिल्ली के विज्ञान भवन में चल रहे तीन दिन के प्रोग्राम के आखिरी दिन मोहन भागवत से लोगों ने सीधे सवाल किए है और इस दौरान उन्होंने 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट और भाजपा-संघ के रिश्ते और घुसपैठ, हिंदू-मुस्लिम रिश्ते और नाम बदलने जैसे मुद्दों पर खुलकर बातें कीं हैं ।

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नाम रखो वीरों और वैज्ञानिकों पर

जब उनसे पूछा गया कि जगह-जगह नाम बदलने पर इतना विवाद क्यों होता है? तो श्री मोहन भागवत जी ने कहा की आक्रमणकारियों के नाम पर शहर या सड़क क्यों? यह कोई धर्म का मामला नहीं है नाम तो वीर अब्दुल हमीद या एपीजे अब्दुल कलाम जैसे असली हीरोज़ पर होने चाहिए.

75 की उम्र में रिटायरमेंट पर सफाई

पिछले दिनों उनकी 75 साल में राजनीति छोड़ने वाली बात चर्चा में रही थी और इस पर भागवत ने कहा मैंने ऐसा कभी नहीं कहा की न मैं रिटायर हो रहा हूं और न किसी और (PM मोदी) को कह रहा हूं संघ चाहे तो मैं 80 की उम्र में भी शाखा लगाने जाऊंगा.

भाजपा-संघ का रिश्ता

भागवत जी ने मजाकिया लहजे में कहा की अगर सब कुछ हम तय करते तो इतना टाइम लगता ही क्या? उन्होंने साफ किया कि भाजपा अपने फैसले खुद लेती है और संघ सिर्फ सलाह दे सकता है कोई आदेश नहीं.

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घुसपैठ और रोजगार

घुसपैठ पर सवाल आया तो उनका जवाब था देश में चोरी-छिपे आने वालों को रोकना चाहिए और हमारे अपने नागरिक मुसलमानों को रोजगार दीजिए और बाहर से आए लोगों को क्यों?

हिंदू-मुस्लिम पर विचार

उन्होंने कहा इस्लाम जब से भारत आया तब से है और रहेगा और हिंदुओं की सोच कभी हटाने वाली नहीं रही और भरोसा दोनों तरफ बनेगा तभी संघर्ष खत्म होगा.

जनसंख्या और 3 बच्चे वाली बात

भागवत जी ने कहा तीन बच्चे परिवार और समाज दोनों के लिए बेहतर हैं और कम होंगे तो समाज कमजोर होगा और ज्यादा होंगे तो बोझ बढ़ेगा.

हिंसा और आंदोलन पर बयान

विरोधियों के आरोप पर उन्होंने कहा अगर हम हिंसा में विश्वास करते तो इतने बड़े कार्यक्रम खुलेआम करते क्या और हिंसा वाला संगठन 75 हजार जगहों पर फैल ही नहीं सकता और मथुरा और काशी को लेकर बोले की संघ आंदोलन नहीं करेगा पर स्वयंसेवकों को रोकेगा भी नहीं.

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