बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्रशासन की कार्यशैली पर बहुत बड़ा सवाल खड़ा करके रख दिया है बता दें मसौढ़ी के RTPS काउंटर से एक ऐसा रेजिडेंस सर्टिफिकेट जारी हुआ है जिसमें आवेदक का नाम डॉग बाबू और पिता का नाम कुत्ता बाबू और और मां का नाम कुटिया देवी लिखा गया है और यही नहीं पते में भी साफ-साफ काउलीचक वार्ड नंबर 15 व मसौढ़ी नगर परिषद भी लिखा गया था और साथ में एक कुत्ते की फोटो भी चिपकी हुई थी.
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अब सोशल मीडिया पर मचा बवाल
जैसे ही यह सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोग इस पर तंज कसने लगे और X पर कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने लिखा की कुत्ता दिखा रहा निवास प्रमाण पत्र व कोई प्रमाण पत्र न दे पाए इंसान यह है मेरा भारत महान और वहीं राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने चुटकी ली और कह कि एक कुत्ते को SIR में मान्यता मिली है पर आम आदमी का आधार और राशन कार्ड फर्जी करार दिया जाता है.
असली दस्तावेजों से की गई छेड़छाड़
जानकारी के मुताबिक यह प्रमाणपत्र दिल्ली की एक महिला के असली दस्तावेजों में छेड़छाड़ करके बनाया गया था यानी किसी ने जानबूझकर डॉक्यूमेंट्स से छेड़छाड़ कर यह पूरा तमाशा खड़ा किया है पर सर्टिफिकेट पर राजस्व पदाधिकारी मुरारी चौहान का डिजिटल सिग्नेचर भी लगा हुआ है और इसका नंबर है BRCCO/2025/15933581 है.
प्रशासन ने लिया एक्शन
जैसे ही मामला तूल पकड़ा तो मसौढ़ी के अंचलाधिकारी प्रभात रंजन ने इस सर्टिफिकेट को रद्द करने की पुष्टि कर दी और पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है और संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी.
केस किस-किस पर दर्ज होगा ?
सूत्रों के मुताबिक अब इस मामले में सर्टिफिकेट अप्लाई करने वाले व्यक्ति व कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारी पर साइबर फ्रॉड और सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ के आरोप में केस दर्ज किया जा रहा है. क्योकी यह पहली बार नहीं है जब बिहार से ऐसी गड़बड़ी सामने आई हो इससे पहले भी बाढ़ अंचल कार्यालय से ब्लूटूथ नॉइस और मुंगेर से सोनालिका ट्रैक्टर के नाम पर रेजिडेंस सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं यानी की ऐसी लापरवाही सिस्टम में पहले से मौजूद है पर अब जनता इसे सीरियसली ले रही है.







