Agra Toll News आगरा के बाह में फास्टैग फ्रॉड का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां घर में खड़ी कार का तमिलनाडु टोल प्लाजा पर फास्टैग फ्रॉड के जरिए पैसा कट गया.
आगरा के बाह इलाके से सामने आया यह मामला हर उस व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर रहा है, जिसने अपनी गाड़ी पर फास्टैग लगवा रखा है. यहां एक डेरी संचालक के मोबाइल पर ऐसा मैसेज आया, जिसने पल भर में उसकी नींद उड़ा दी. मैसेज में लिखा था कि तमिलनाडु के एक टोल प्लाजा पर उसकी कार से 190 रुपये का टोल टैक्स कट गया है. हैरानी की बात यह थी कि कार कई दिनों से घर में खड़ी थी और कहीं बाहर गई ही नहीं.
घर में खड़ी कार और मोबाइल पर आया झटका
बाह के जैतपुर थाना क्षेत्र के गांव पहाड़पुरा निवासी निपुण तिवारी पेशे से डेरी संचालक हैं. उनकी एक्सयूवी-500 कार रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल होती है, लेकिन घटना वाले दिन और उससे पहले कई दिनों तक कार घर से बाहर नहीं निकली थी.
Agra Toll News गुरुवार सुबह करीब 10 बजकर 39 मिनट पर निपुण तिवारी के मोबाइल पर एक मैसेज आया. शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य बैंक अलर्ट समझा, लेकिन जब मैसेज पढ़ा तो उनके होश उड़ गए. मैसेज में साफ लिखा था कि तमिलनाडु के पुदुर टोल प्लाजा पर उनकी कार से फास्टैग के जरिए 190 रुपये काट लिए गए हैं.
यह पढ़ते ही उनके मन में एक ही सवाल उठा कि जब गाड़ी घर में खड़ी है, तो फास्टैग फ्रॉड आखिर कैसे हो सकता है.
तमिलनाडु का टोल और आगरा की कार
मैसेज में टोल कटने का समय सुबह 10 बजकर 30 मिनट 7 सेकेंड दर्ज था. टोल प्लाजा का नाम भी साफ लिखा था, पुदुर टोल प्लाजा, तमिलनाडु. Agra Toll News
निपुण तिवारी बताते हैं कि वह उस वक्त घर पर ही मौजूद थे और उनकी गाड़ी बाहर जाने का सवाल ही नहीं उठता. कार की चाबी भी घर में ही रखी हुई थी. इसके बावजूद सैकड़ों किलोमीटर दूर किसी टोल प्लाजा पर फास्टैग से पैसा कट जाना सीधे तौर पर फास्टैग फ्रॉड की तरफ इशारा करता है.
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इसमें किसी तरह की ओवर स्पीड या गलत लेन जैसी गलती नहीं थी, बल्कि गाड़ी की मौजूदगी ही संदिग्ध थी.
थाने पहुंचा मामला, साइबर ठगी की शिकायत
Agra Toll News घटना के बाद निपुण तिवारी सीधे जैतपुर थाने पहुंचे. उन्होंने थाने में तहरीर देकर साइबर ठगी और फास्टैग फ्रॉड की आशंका जताई. शिकायत में उन्होंने साफ लिखा कि उनकी गाड़ी घर पर खड़ी थी और वे कहीं यात्रा पर नहीं गए थे.
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थाना प्रभारी दीपक कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं. एसआई प्रवेश कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह यह पता करें कि फास्टैग फ्रॉड किस तरह हुआ और क्या यह तकनीकी गड़बड़ी है या किसी तरह की साइबर ठगी.
फास्टैग फ्रॉड कैसे हो सकता है
फास्टैग एक RFID आधारित सिस्टम है, जो गाड़ी के शीशे पर चिपका होता है. आमतौर पर यह तभी काम करता है जब गाड़ी टोल प्लाजा के स्कैनर के पास से गुजरती है.
Agra Toll News लेकिन हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों से फास्टैग फ्रॉड के मामले सामने आए हैं. कुछ मामलों में नंबर प्लेट क्लोनिंग की आशंका जताई जाती है, जहां किसी दूसरी गाड़ी पर वही नंबर प्लेट लगा दी जाती है. ऐसे में टोल प्लाजा पर स्कैन होने पर असली गाड़ी के फास्टैग से पैसा कट जाता है.
आम लोगों के लिए क्यों जरूरी है सतर्क रहना
Agra Toll News यह मामला सिर्फ निपुण तिवारी तक सीमित नहीं है. यह हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है, जिसने फास्टैग लगवाया हुआ है.
अगर आपके मोबाइल पर अचानक किसी ऐसे टोल प्लाजा का मैसेज आए, जहां आप गए ही नहीं, तो इसे नजरअंदाज न करें. तुरंत अपने फास्टैग अकाउंट की डिटेल चेक करें और संबंधित बैंक या फास्टैग कस्टमर केयर से संपर्क करें.Agra Toll News
फास्टैग फ्रॉड के मामलों में देरी करने से नुकसान बढ़ सकता है, क्योंकि एक बार अगर अकाउंट गलत तरीके से लिंक हो गया, तो बार-बार पैसे कट सकते हैं.
पुलिस जांच से क्या उम्मीद
पुलिस की जांच अब यह साफ करेगी कि यह मामला तकनीकी गलती है या किसी तरह की साइबर ठगी. अगर नंबर प्लेट क्लोनिंग या जानबूझकर किया गया फास्टैग फ्रॉड सामने आता है, तो यह बड़ा अपराध माना जाएगा.
Agra Toll News इस तरह के मामलों में टोल एजेंसियों और फास्टैग सर्विस प्रोवाइडर्स की भूमिका भी जांच के दायरे में आती है. क्योंकि आम आदमी की नजर में यह सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है.






