bageshwar adhivakta news उत्तराखंड के बागेश्वर में चर्चित अधिवक्ता और पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. जिस अधिवक्ता की तलाश में पुलिस जुटी थी, उनकी हत्या के पीछे पुराने संबंधों और आपसी विवाद की कहानी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में एक महिला और उसका भाई शामिल हैं. महिला ने कथित तौर पर घर में रखी लोहे की रॉड से अधिवक्ता के सिर पर कई वार किए थे. इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने भाई की मदद ली और दोनों ने मिलकर शव को नदी के पास गहरी खाई में फेंक दिया.
पुलिस ने इस मामले में महिला लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में पुलिस को कई ऐसी जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर हत्या की पूरी घटना की कड़ियां जोड़ी गईं. हालांकि, दोनों अभियुक्तों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी.
2020 में बढ़ी थीं नजदीकियां, 2022 के बाद कम होने लगी बातचीत
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2020 में लता भंडारी और धीरेंद्र परिहार के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं. दोनों के बीच बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा. बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 के बाद उनके संबंधों में पहले जैसी नजदीकी नहीं रही और बातचीत भी कम हो गई थी.
पुलिस की जांच में सामने आया कि समय के साथ दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा था. इसी बीच 17 अक्टूबर को धीरेंद्र परिहार महिला के घर पहुंचे. उस समय वह कथित तौर पर शराब के नशे में थे. पुलिस के मुताबिक, इसी मुलाकात के दौरान दोनों के बीच ऐसा विवाद हुआ, जिसने कुछ ही देर में गंभीर रूप ले लिया.
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पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को धीरेंद्र परिहार महिला के घर पहुंचे थे. वहां उन्होंने कथित तौर पर महिला के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया. महिला ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि महिला ने घर में रखी लोहे की रॉड उठा ली.
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि लता ने लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए. हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. महिला ने पुलिस को घटना के पीछे जबरदस्ती की कोशिश और विरोध की बात बताई है. पुलिस इस मामले में सभी परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है.
चारपाई के नीचे छिपाया शव, अगले दिन भाई को बताई पूरी घटना
हत्या के बाद महिला ने शव को ठिकाने लगाने के बजाय पहले अपने ही घर में छिपा दिया. पुलिस के मुताबिक, उसने धीरेंद्र परिहार के शव को अपनी चारपाई के नीचे रख दिया था. इसके बाद अगले दिन उसने अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट को पूरी घटना के बारे में बताया.
भाई को जानकारी मिलने के बाद दोनों ने मिलकर शव को घर से बाहर निकालने और उसे ऐसी जगह फेंकने की योजना बनाई, जहां किसी को आसानी से इसकी जानकारी न मिल सके. पुलिस की जांच में सामने आया कि इसके बाद दोनों ने शव को वाहन में रखा और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग की ओर निकल गए.
गहरी खाई में फेंक दिया शव, लगा किसी को पता नहीं चलेगा
पुलिस के मुताबिक, महिला और उसके भाई ने धुणाई बैंड के पास गहरी खाई से धीरेंद्र परिहार का शव नदी में फेंक दिया था. दोनों को उम्मीद थी कि शव को इस तरह ठिकाने लगाने के बाद हत्या का मामला सामने नहीं आएगा और पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाएगी.
लेकिन पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी. धीरेंद्र परिहार के अचानक लापता होने के बाद उनके परिवार की चिंता बढ़ती जा रही थी. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद उनकी तलाश शुरू की और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की. जांच के दौरान महिला और धीरेंद्र के बीच पुराने संबंधों की जानकारी सामने आई. इसके बाद पुलिस ने लता भंडारी से पूछताछ की तो मामले की परतें खुलने लगीं.
पुलिस ने जांच और पूछताछ के आधार पर लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए. इस कार्रवाई के बाद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया गया है.
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या के बाद शव को छिपाने और उसे नदी में फेंकने की योजना किस तरह बनाई गई थी. इस पूरे घटनाक्रम में दोनों अभियुक्तों की भूमिका और उनके बयानों का मिलान उपलब्ध साक्ष्यों से किया जा रहा है.






