फैक्ट्री चल रही थी चुपचाप, लेकिन एक गलती ने पूरे इलाके को रुला दिया

By Shiv

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Kaushambi Bisfot news

Kaushambi Bisfot news एक जोरदार धमाका और कुछ ही सेकंड में सब खत्म, घर बने मलबा और लोग अपने ही अपनों को ढूंढते रह गए, कौशांबी की ये कहानी आपको अंदर तक हिला देगी।

एक धमाके ने बदल दी पूरे इलाके की तस्वीर

कौशांबी के सिराथू इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक अवैध फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। सुबह का वक्त था, लोग अपने-अपने काम में लगे थे, लेकिन अचानक हुए इस धमाके ने सब कुछ बदल कर रख दिया।

धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई घर इसकी चपेट में आ गए। कुछ ही सेकंड में दीवारें दरक गईं, छतें गिर गईं और लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। इस हादसे में कई घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए। जिन घरों में कुछ देर पहले तक हंसी-खुशी का माहौल था, वहीं अब सिर्फ मलबा और चीख-पुकार नजर आई।

परिवार के लोग अपने अपनों को ढूंढते हुए मलबे में हाथ डाल रहे थे। कोई रो रहा था, कोई बेहोश हो रहा था और हर तरफ बस दर्द का मंजर दिखाई दे रहा था।

अवैध फैक्ट्री बनी हादसे की वजह

स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह पर धमाका हुआ, वहां लंबे समय से अवैध तरीके से फैक्ट्री चलाई जा रही थी। बताया जा रहा है कि यहां पटाखा या किसी ज्वलनशील सामान का काम होता था।

इसी लापरवाही और नियमों की अनदेखी ने इतना बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी या अगर थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

धमाके के बाद सबसे दर्दनाक दृश्य वो था जब लोग अपने ही घरों के मलबे में अपने परिजनों को खोज रहे थे। कोई अपने बच्चे को ढूंढ रहा था तो कोई अपने माता-पिता को। राहत और बचाव टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोग खुद ही मलबा हटाने में जुट गए थे। हर किसी को उम्मीद थी कि शायद उनका अपना अभी जिंदा मिल जाए।

प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। साथ ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

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घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम तेजी से किया गया। आसपास के इलाकों को भी खाली कराया गया ताकि कोई और खतरा न हो।

लोगों में गुस्सा

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा साफ नजर आ रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर यह फैक्ट्री अवैध थी तो इसे बंद क्यों नहीं कराया गया। कई लोगों का कहना है कि ऐसी फैक्ट्रियां अक्सर बिना अनुमति के चलती रहती हैं और जब तक बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक कोई कार्रवाई नहीं होती। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री कैसे चल रही थी और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।

साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा के कौन-कौन से नियमों का उल्लंघन किया गया था। जांच के बाद ही साफ होगा कि इस हादसे के लिए असली जिम्मेदार कौन है।

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