WhatsApp पर आया एक मैसेज, डाउनलोड किया APK… और सब खत्म, फिर पुलिस ने ये किया ?

By Shiv

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Gujrat Ground Report

Gujrat Ground Report सूरत में साइबर ठगी का एक बड़ा खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन हाल ही में पुलिस ने इस पर बड़ा खुलासा किया है। साइबर क्राइम टीम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि लोगों के मोबाइल अचानक हैक हो रहे हैं और उनके बैंक खातों से पैसे गायब हो रहे हैं। जांच शुरू हुई तो पता चला कि यह कोई छोटी-मोटी ठगी नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम है।

पुलिस ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए इस गिरोह के नेटवर्क को ट्रैक किया। धीरे-धीरे सामने आया कि आरोपी लोगों को फर्जी ऐप भेजकर उनके मोबाइल में सेंध लगा रहे थे।

‘PNB One APK’ के नाम पर कैसे चलता था खेल

इस गिरोह का तरीका काफी चालाकी भरा था। आरोपी पंजाब नेशनल बैंक के नाम का इस्तेमाल करके लोगों का भरोसा जीतते थे। वे ‘PNB One APK’ नाम की फर्जी फाइल बनाते और उसे WhatsApp के जरिए भेजते थे।

जैसे ही कोई व्यक्ति इस APK फाइल को डाउनलोड करता, उसका मोबाइल पूरी तरह से हैक हो जाता। इसके बाद ठग मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंकिंग ऐप, मैसेज और OTP तक पहुंच बना लेते थे। फिर चुपचाप खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।

सबसे खतरनाक बात यह रही कि यह ऐप बिल्कुल असली बैंक ऐप जैसा दिखता था, जिससे आम लोगों को शक ही नहीं होता था।

सरकारी योजनाओं और चालान के नाम पर फंसाते थे लोग

गिरोह सिर्फ बैंक के नाम तक सीमित नहीं था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कई तरह के झांसे देते थे।

कभी वे सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर APK भेजते थे, तो कभी RTO चालान भरने का बहाना बनाते थे। मैसेज में लिखा होता था कि आपका चालान पेंडिंग है या आपको किसी योजना का पैसा मिलना है, बस इस ऐप को डाउनलोड करें।

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लोग जल्दबाजी या लालच में आकर फाइल डाउनलोड कर लेते थे और यहीं से उनका मोबाइल हैक हो जाता था।

हजारों मोबाइल को बनाया गया निशाना

पुलिस के मुताबिक इस गिरोह ने हजारों लोगों को अपना शिकार बनाया। शुरुआती जांच में ही कई हजार मोबाइल नंबरों पर APK फाइल भेजने की पुष्टि हुई है।

कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके खाते से अचानक पैसे कट गए, जबकि उन्होंने कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया था। कुछ मामलों में तो बैंक बैलेंस पूरी तरह साफ कर दिया गया।

यह मामला इसलिए भी गंभीर हो गया क्योंकि ठगी बड़े स्तर पर हो रही थी और आम लोग आसानी से इसके जाल में फंस रहे थे।

2,456 किलोमीटर दूर जाकर पुलिस ने पकड़े आरोपी

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि पुलिस ने करीब 2,456 किलोमीटर दूर तक जांच का दायरा बढ़ाया। तकनीकी सुरागों के आधार पर टीम ने आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और आखिरकार पटना के एक होटल से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और फर्जी APK फाइलें बनाने का पूरा सेटअप मिला। इससे साफ हो गया कि यह एक प्रोफेशनल गैंग था, जो लंबे समय से इस काम में लगा हुआ था।

लोगों के लिए बड़ा सबक

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि डिजिटल दुनिया में जरा सी लापरवाही भारी नुकसान कर सकती है। आजकल ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।

कई बार लोग सोचते हैं कि उनके साथ ऐसा नहीं होगा,

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