Agra Breaking News भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद में आगरा पुलिस ने 10 लोगों पर FIR दर्ज की. भ्रामक वीडियो से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश
भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद क्या है
Agra Breaking News में भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद अचानक उस समय चर्चा में आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा. इस वीडियो में एक मशहूर दुकान को गलत पहचान के साथ दिखाया गया. वीडियो में दावा किया गया कि भोले बाबा छोले-भटूरे नाम की दुकान किसी आरिफ नाम के व्यक्ति की है. वीडियो को एक्स, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर शेयर किया गया.
इस वीडियो ने लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी. कई यूजर्स ने बिना सच्चाई जाने वीडियो पर प्रतिक्रिया दी, जिससे माहौल संवेदनशील होता चला गया. यहीं से भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद ने तूल पकड़ लिया.
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की एंट्री
Agra Breaking News जब भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद की जानकारी आगरा पुलिस तक पहुंची, तो मामले को हल्के में नहीं लिया गया. थाना छत्ता पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने पूरे मामले की प्रारंभिक पड़ताल की और तथ्यों को खंगाला.
पुलिस ने यह देखा कि वीडियो का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज में गलत संदेश फैलाना भी हो सकता है. इसी वजह से वीडियो की सत्यता की गहराई से जांच की गई.
जांच में सामने आई असली सच्चाई
पुलिस जांच में साफ हो गया कि वायरल वीडियो भ्रामक था. जिस दुकान को आरिफ की बताकर दिखाया गया, वह असल में विजय शुक्ला की दुकान है. दुकान का नाम बाबा छोले भटूरे है और इसका संचालन विजय शुक्ला लंबे समय से कर रहे हैं.
Agra Breaking News पुलिस के अनुसार वीडियो कई महीने पुराना था, लेकिन उसे ऐसे पेश किया गया जैसे वह हाल की घटना हो. गलत कैप्शन और गलत पहचान के जरिए वीडियो को दोबारा वायरल किया गया. यही वजह रही कि भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद को गंभीर मामला माना गया.
दुकान मालिक विजय शुक्ला ने क्या बताया
Agra Breaking News दुकान मालिक विजय शुक्ला, जो बेलनगंज के रानी वाले घेरे में रहते हैं, ने पुलिस को अपना पक्ष बताया. उन्होंने कहा कि आरिफ पिछले करीब 15 वर्षों से उनकी दुकान पर काम कर रहा है. आरिफ सिर्फ कर्मचारी है, दुकान से उसका कोई मालिकाना संबंध नहीं है.
Agra Breaking News विजय शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि दुकान की पहचान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया. इससे न सिर्फ उनकी छवि को नुकसान पहुंचा, बल्कि इलाके में अनावश्यक चर्चा और तनाव भी बढ़ा.
पुराने विवाद से जुड़ा है वायरल वीडियो
भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद की जड़ कुछ महीने पुराने एक छोटे से विवाद से जुड़ी हुई है. विजय शुक्ला के अनुसार कालिंदी विहार निवासी सचिन सिंह से छोले-भटूरे के भुगतान को लेकर कहासुनी हुई थी. उसी दौरान सचिन सिंह ने एक वीडियो बना लिया था.
उस समय मामला वहीं खत्म हो गया था. Agra Breaking News लेकिन उसी पुराने वीडियो को अब नए तरीके से पेश कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया. पुलिस के मुताबिक यही सबसे गंभीर पहलू है, क्योंकि पुराने वीडियो को नया बताकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई.
किस तरह से वीडियो को नया रंग दिया गया
जांच में सामने आया कि पुराने वीडियो को एडिट या गलत संदर्भ के साथ शेयर किया गया. Agra Breaking News वीडियो को ऐसे शब्दों और दावों के साथ पोस्ट किया गया, जिससे धार्मिक पहचान को लेकर भ्रम फैले.
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भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद में पुलिस को यह भी दिखा कि वीडियो को योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग अकाउंट्स से फैलाया गया. इससे वीडियो की पहुंच तेजी से बढ़ी और अफवाह को ताकत मिली.
किन लोगों पर दर्ज हुई FIR
आगरा पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. इनमें अंकुर अग्रवाल, जिन्हें पत्रकार बताया जा रहा है, शिवम दीक्षित, सचिन गुप्ता, गोल्डी श्रीवास्तव, सचिन सिंह और कुछ अन्य नाम शामिल हैं.
इनमें से कुछ लोग सोशल मीडिया जर्नलिस्ट के रूप में भी सक्रिय बताए जा रहे हैं. मुकदमा आगरा के थाना छत्ता में दर्ज किया गया है और इसमें सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं.
सोशल मीडिया पर अफवाह और जिम्मेदारी
भोले बाबा छोले-भटूरे वीडियो विवाद ने यह साफ कर दिया कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी कितनी जरूरी है. एक गलत वीडियो या भ्रामक पोस्ट पलभर में हजारों लोगों तक पहुंच जाती है.
पुलिस का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर अफवाह फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती. जो लोग जानबूझकर समाज में तनाव पैदा करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई तय है.






